भाषाओं से दोस्ती
चुनाव, भाषा और लोकतंत्र
क्या हिंदी सचमुच एक खलनायक है?
आज़ादी के बाद की राजनीति, लोहिया और हिंदी
आधुनिक परिप्रेक्ष्य में हिंदी
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कृतियाँ।