हिंदी भाषा के बारे में तथ्य

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा और उसकी संस्कृति से होती है प्रत्येक देश की अपनी विशेष  भाषा और संस्कृति होती है । आज हम अपने देश भारत की राजभाषा हिंदी के बारे में बात करते हैं।

14 सितंबर पूरे भारत देश में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस एक ऐसा अवसर है जो यह बताता है कि भारत की भाषा कितनी समृद्ध है और यह भारत को एकसूत्र में बाँधे रखने का माध्यम भी है।

हिंदी का जन्म देवभाषा संस्कृत से हुआ है तथा हिंदी शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘सिन्ध’ शब्द से हुई मानी जाती है। संस्कृत की ‘स’ ध्वनि फ़ारसी में ‘ह’ बोली जाती है, जैसे- सप्ताह को हफ़्ताह आदि। सिन्धु नदी के क्षेत्र में आने के कारण ईरानी लोग सिंधु न कहकर हिन्दू कहने लगे। इसी तरह सिंधी से हिंदी, सिंध से हिंद और हिंदुस्तानी आदि शब्द अस्तित्व में आते गए। हिंदी शब्द का अर्थ है—‘हिंद का’। आगे चलकर यह शब्द ‘हिंदी की भाषा’ के अर्थ में प्रयुक्त होने लगा।

भारत में लाखों लोग हिंदी भाषा का प्रयोग अपनी प्रथम भाषा के रूप में करते हैं। हिंदी का व्याकरण प्राचीन भाषा का अनुसरण करता है। हिंदी का व्याकरण बहुत समृद्ध है तथा नियमानुसार प्रयोग में लाया जाता है। हिंदी में संज्ञा शब्दों के लिंग होते हैं तथा विशेषण और क्रियाएँ लिंग के अनुसार ही बदलती हैं।

हिंदी विश्व में सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। हिंदी भारत के अलावा नेपाल, गुयाना, त्रिनिडाड और टोबैगो, सूरीनाम, फिजी और मॉरीशस में भी बोली जाती है। हिंदी और नेपाली एक ही लिपि  में लिखी जाती हैं –- “देवनागरी”। हिंदी भाषा उच्चारण पर आधारित है इसका अर्थ है कि यह जैसे बोली जाती है, वैसे ही लिखी जाती है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, ने अन्य कई भाषाओं के साथ-साथ अमरीकी-भारतीयों की मूल भाषा के रूप में हिंदी को प्राथमिक स्कूल से स्नातक स्तर तक के पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए सहमति दी थी। अमेरिकी सरकार अमेरिकी स्कूल और कॉलेजों में हिंदी सिखाने के लिए अनुदान भी प्रदान करती है।

अँगरेज़ी के कई शब्द हिंदी से प्राप्त किए गए हैं, जैसे-- चटनी, लूट, बंगला, गुरु, जंगल, कर्म, योग, ठग, अवतार इत्यादि। आज संयुक्त राज्य अमेरिका के शिक्षा संस्थानों सहित पूरे विश्व के कई विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई व सिखाई जाती है।

गूगल के अनुसार अब इंटरनेट पर भी हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग होने लगा है। पिछले कुछ दशकों में हिंदी के वेब पोर्टल अस्तित्व में आए हैं तभी से इंटरनेट पर हिंदी ने अपनी छाप छोड़नी प्रारंभ कर दी है  जो अब रफ्तार पकड़ चुकी है। हिंदी उन सात भारतीय भाषाओं में से एक है जिसका उपयोग वेब यूआरएल बनाने के लिए किया जा सकता है।